हाइपोटेंशन की परिभाषा क्या है?HealthPlanet

Posted on Fri 2nd Dec 2022 : 11:48

उच्च रक्तचाप, हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन नाम तीन लेकिन समस्या एक है। हमारा दिल पुरे शरीर में रक्त को पंप करता है, ताकि शरीर के सभी अंगों को ऑक्सीजन के साथ-साथ बाकी सभी जरूरी पौषक तत्व मिल सके। दिल के रक्त को पंप करने के दौरान रक्त जिस दबाव से रक्त धमनियों (Blood Arteries) की दीवारों से टकराता है उस दबाव को रक्तचाप यानि ब्लड प्रेशर कहा जाता है। अगर रक्त, रक्त धमनियों की दीवारों पर तेज दबाव बनता है तो उसे हाई ब्लड प्रेशर यानि उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) कहा जाता है। अगर रक्त धीमी गति या दबाव से रक्त धमनियों की दीवारों से टकराता है तो उसे लो ब्लड प्रेशर कहा जाता है। जब हमारा दिल शरीर में रक्त प्रवाह करने के लिए सिकुड़ता है, उस समय रक्त प्रवाह का दबाव सबसे ज्यादा होता है, इस दबाव के माप को प्रंकूचक (सिस्टोलिक- systolic) दबाव कहा जाता है।

जिस समय दिल रक्त प्रवाह करने के बाद आराम की स्थिति में आता है, उस समय रक्त का दबाव बहुत कम हो जाता है, इस रक्त दबाव माप को प्रसारक (डायस्टोलिक- diastolic) दबाव कहा जाता है। वयस्कों के लिए सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg माना जाता है। आमतौर पर 140/90 mmHg से अधिक ब्लड प्रेशर को वयस्कों के लिए हाई माना जाता है और 90/60 mmHg को कम माना जाता है। वर्तमान समय में खराब दिनचर्या के कारण लोगो को उहाई ब्लड प्रेशर की समस्या होना आम बात होती जा रही है। उहाई ब्लड प्रेशर की समस्या कोई आम बात नहीं है, अगर इसे काबू में न रखा जाए तो इसकी वजह से आपको किडनी संबंधित समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है।

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